द फॉलोअप डेस्क
भागलपुर रेंज के आईजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लापरवाही बरतने वाले चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह एक्शन भागलपुर और बांका के चार अधिकारियों के खिलाफ हुआ है। जिसमें भागलपुर से एक और बांका से तीन अधिकारी शामिल हैं। 
भागलपुर रेंज के आईजी ने सबसे पहले भागलपुर शहर के विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष बलवीर विलक्षण को निलंबित किया है। समीक्षा में पाया गया कि बलवीर विलक्षण ने बिना किसी ठोस कारण के एक दर्जन से अधिक केसों को लंबित रखा। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद मालखाना का प्रभार भी नहीं लिया। आईजी ने यह भी पाया कि पूर्व थानाध्यक्ष सुप्रिया कुमारी द्वारा प्रभार न देने और विलक्षण द्वारा कोई खास सूची न लेने से संबंधित कई मामलों में लापरवाही बरती गई थी।.jpg)
इन निलंबित अधिकारियों पर कई मामलों में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। आईजी विवेक कुमार की समीक्षा में पाया गया कि पुलिस अधिकारियों ने अज्ञात शवों की पहचान करने में कोई रुचि नहीं दिखाई और कई आरोपियों का सत्यापन करने का भी प्रयास नहीं किया। सबसे बड़ी लापरवाही एक अपहरण के मामले में सामने आई, जहां मामला दर्ज होने के बाद भी थानाध्यक्ष ने अपहृता की बरामदगी को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसे आईजी ने बड़ी गंभीरता से लिया है।
वहीं बांका जिले में भी आईजी ने बड़ी कार्रवाई की है। बांका के टाउन थाना से जुड़े दो केसों के अनुसंधान और पर्यवेक्षण में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। निलंबित होने वालों में टाउन थाना के अंचल इंस्पेक्टर देवानंद पासवान, थानाध्यक्ष राकेश कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक बृजेश कुमार शामिल हैं।.jpeg)
आईजी विवेक कुमार ने समीक्षा के दौरान पाया कि इन निलंबित पदाधिकारियों ने घरेलू विवाद से जुड़े कई केसों और बड़े मामलों में भी सही तरीके कार्रवाई नहीं की और BNS की धाराओं में संशोधन को जरूरी नहीं समझा। आईजी ने इन सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए बांका एसपी को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि जिन केसों की जांच और अवलोकन में लापरवाही बरती गई है, उनका अवलोकन शो से कराया जाए, ताकि न्याय हो सके।