द फॉलोअप डेस्क
बिहार में पटना के गांधी मैंदान में हर साल की तरह इस साल भी ईद की नमाज अदा की गई, लेकिन लगभग दो दशकों से चली आ रही परंपरा टूटती हुई दिखी। दरअसल आज गांधी मैंदान भारी संख्या में नामाजी पहुंचे, लेकिन आज के नमाज में नीतीश कुमार नहीं बल्कि उनके बेटे निशांत कुमार पहुंचे। निशांत कुमार अपने पिता की तरह नमाजियों से मुलाकात किए और सभी को ईद की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उनके साथ मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद रहे, जो हर बार नीतीश कुमार के साथ गांधी मैंदान पहुंचते थे। ईद के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने सीएम नीतीश कुमार की तरह ही निशांत कुमार का स्वागत किया और उन्हें गमछा व टोपी पहनाकर सम्मानित किया। निशांत ने भी लोगों से मिलकर ईद की खुशियां साझा कीं। निशांत कुमार ने छोटे नमाजी के हाथों से मिठाई खाई और उन्हें भी खिलाई। हालांकि इसमें सबसे खास बात यह रही कि निशांत गांधी मैदान में सीएम सिक्योरिटी के साथ पहुंचे थे। इस दौरान निशांत उन्होंने मीडियाकर्मियों से भी बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वो अपने पिता की ओर से सभी नमाजियों को ईद की शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और अपने पिता जी की तरफ से बिहार और देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हैं। अल्लाह की बरकत हम सब देशवासियों पर बनी रहे।
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इसे देखकर राज्य में सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। गांधी मैदान की यह तस्वीर कई सवाल छोड़ गई है। सीएम नीतीश की गैरमौजूदगी और निशांत की मौजूदगी कई सियासी सवाल खड़े कर रहे हैं। बता दें कि, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों में पहली बार गांधी मैदान के मुख्य नमाज में शामिल नहीं हुए। 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से वे हर साल गांधी मैदान पहुंचकर नमाजियों से मुलाकात करते थे। बहरहाल, सीएम नीतीश कुमार गांधी मैदान तो नहीं पहुंचे लेकिन उन्होंने अपने सोशल मीडिया के जरिए समस्त देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा कि "ईद के मौके पर प्रदेश एवं देशवासियों को तथा विशेषकर मुस्लिम भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। खुदा इस मुबारक दिन पर हम सब पर अपनी रहमतों की बारिश करें। राज्य में सुख, शांति एवं समृद्धि आए।"