द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, और इस बार चुनावी रणभूमि में सत्ता के लिए मुकाबला पहले से कहीं अधिक पेचीदा और दिलचस्प होता नजर आ रहा है। 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में होने वाले इस चुनाव में 243 विधानसभा सीटों पर तगड़ी टक्कर देखने को मिलेगी, और इस बार राजनीति के नए चेहरे भी मैदान में होंगे।.jpg)
चुनाव आयोग ने पहले चरण के मतदान की तारीख 6 नवंबर तय की है। इस चरण में 18 जिलों में कुल 121 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। यहां पर NDA और INDIA गठबंधन के साथ-साथ नए-नवेले उम्मीदवारों की लिस्ट भी चर्चा में है। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 10 अक्टूबर से शुरू हो रही है, और उम्मीदवारों के लिए आखिरी तारीख 17 अक्टूबर है। इसके बाद, 18 अक्टूबर को नामांकन की स्क्रूटनी होगी और 20 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं।.jpeg)
अब बात करते हैं दूसरे चरण की, जो 11 नवंबर को होगा। इस बार के चुनाव में 20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग होगी। यहां भी राजनीति के पुराने दिग्गजों के साथ-साथ नए समीकरण बनते हुए नजर आ रहे हैं। इस चरण के लिए नामांकन 13 अक्टूबर से शुरू होगा और अंतिम तारीख 20 अक्टूबर है। इसके बाद, नामांकन की स्क्रूटनी 21 अक्टूबर को होगी और 23 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 14 नवंबर को परिणामों का ऐलान होगा, जिससे बिहार की राजनीति में नया मोड़ आएगा।
पहले चरण में कुल 18 जिलों के 121 सीटों पर चुनाव होंगे
इसमें गोपालगंज जिले में 7 सीटें, सीवान में 8 सीटें, बक्सर 7 सीटें, सारण 12 सीटें, मुजफ्फरपुर 10 सीटें, दरभंगा 10 सीटें, सहरसा 7 सीटें, मधेपुरा 7 सीटे, खगड़िया 7 सीटें, मुंगेर 7 सीटें, लखीसराय 7 सीटें, शेखपुरा 5 सीटें, नालंदा 7 सीटें, पटना 14 सीटें, वैशाली 8 सीटें, समस्तीपुर 10 सीटें, बेगूसराय 7 सीटें और भोजपुर में 7 सीटें।
दुसरे चरण में कुल 20 जिलों के 122 सीटों पर चुनाव होंगे
इसमें पश्चिम चंपारण जिले में 12 सीटें, पूर्वी चंपारण में 12 सीटें, शिवहर 1 सीट, सीतामढ़ी 7 सीटें, मधुबनी 10 सीटें, सुपौल 7 सीटें, अररिया 9 सीटें, किशनगंज 7 सीटें, पूर्णिया 11 सीटें, कटिहार 10 सीटें, भागलपुर 12 सीटें, बांका 7 सीटें, जमुई 7 सीटें, नवादा 7 सीटें, गया 10 सीटें, जहानाबाद 6 सीटें, अरवल 5 सीटें, औरंगाबाद 6 सीटें और रोहतास जिले में 9 सीटें।
सभी पार्टियों की तैयारी तेज
बिहार में चुनावी सीन में NDA और INDIA गठबंधन के बीच सीट शेयरिंग पर मंथन तेज हो चुका है। दोनों गठबंधन जल्द ही अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करने वाली हैं। लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबला तो वहीं होगा जहां तेजप्रताप यादव और प्रशांत किशोर जैसे नेता भी अपनी सियासी ताकत दिखाने को तैयार हैं। तेजप्रताप यादव ने 8 अक्टूबर को अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने की घोषणा की है। जबकि प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी इस बार बिहार के राजनीतिक समीकरण में एक नया ट्विस्ट ला सकती है, और 9 अक्टूबर को वह अपने उम्मीदवारों की लिस्ट भी जारी करेंगे।
आम आदमी पार्टी (AAP) की एंट्री भी इस बार खास है। अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने पहले ही 11 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है, और उनकी नजरें बिहार की राजनीति में नए बदलाव की ओर हैं।.jpeg)
इस चुनाव में न केवल पारंपरिक राजनीतिक दलों की टक्कर है, बल्कि नए चेहरों की भी जबरदस्त चुनौती है। तेजप्रताप यादव, प्रशांत किशोर, और आम आदमी पार्टी जैसे दल न केवल चुनावी जमीन तैयार करने में लगे हैं, बल्कि वे बिहार की राजनीतिक धारा को एक नया मोड़ देने की कोशिश भी कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या बिहार की जनता इन नए चेहरों को अपना समर्थन देगी? या फिर पुरानी सियासी ताकतें फिर से वापसी करने में सफल होंगी?