द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज यानी 2 फरवरी से शुरू हो रहा है। 27 फरवरी तक चलने वाले इस 19 दिवसीय सत्र की शुरुआत बेहद खास होगी। आज विधानसभा की कार्यवाही सुबह 11:00 बजे शुरू होगी, जिसके बाद 11:30 बजे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान सेंट्रल हॉल में दोनों सदनों के सदस्यों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। पहले ही दिन सरकार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखेगी।
आज की कार्यवाही में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद शोक प्रस्ताव पेश किया जाएगा और फिर सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। मुख्य आकर्षण कल, 3 फरवरी को होगा जब वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इस सत्र के दौरान कुल 18 दिन प्रश्नकाल होगा, जिसमें सरकार को विधायकों द्वारा पूछे गए जनहित के सवालों का जवाब देना होगा।.jpeg)
सत्र के कार्यक्रम के अनुसार, विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के लिए सबसे अधिक 9 दिन निर्धारित किए गए हैं। बजट के साथ-साथ सरकार तृतीय अनुपूरक बजट भी लाएगी और कई महत्वपूर्ण राजकीय विधेयकों को सदन से पारित कराने की कोशिश करेगी। 4 फरवरी को शब-ए-बरात और साप्ताहिक अवकाशों को छोड़कर सदन में लगातार विधायी कार्यों का निष्पादन किया जाएगा।.jpg)
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार सदन चलाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सरकार हर सदस्य के सवाल का नियम के अनुसार उत्तर देगी। सत्र के अंतिम दिनों में, यानी 25 और 27 फरवरी को गैर-सरकारी संकल्पों पर चर्चा होगी, जिससे स्थानीय और व्यक्तिगत समस्याओं को सदन के सामने लाने का मौका मिलेगा।
संख्या बल के लिहाज से सरकार भले ही मजबूत स्थिति में हो, लेकिन विपक्ष ने भी घेराबंदी की पूरी तैयारी कर ली है। नीट (NEET) छात्र की मौत का मामला और किसानों के पंजीकरण में आ रही दिक्कतों जैसे मुद्दों पर सदन में गरमागरम बहस होने की संभावना है। ऐसे में सरकार के लिए इन चुनौतियों का जवाब देना और विपक्ष के लिए एकजुटता दिखाना, दोनों ही बड़ी होंगी।