पटना
बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले NDA का कैबिनेट फॉर्मूला अभी पूरी तरह साफ नहीं हो सका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को 10वीं बार पद की शपथ लेंगे, लेकिन अब तक मंत्रियों की सूची को लेकर सहमति नहीं बनी है। जदयू जहां अपने अधिकतर पुराने चेहरों को दोबारा मौका देने के मूड में है, वहीं भाजपा बड़े लेवल पर बदलाव कर सकती है।
बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुंचेंगे। नीतीश के साथ उनकी अहम बैठक में मंत्रियों के नाम, विभागों का बंटवारा और विधानसभा अध्यक्ष यानी स्पीकर के मुद्दे पर अंतिम निर्णय होने की उम्मीद है।

दिल्ली में 3 घंटे की मीटिंग—पर हल नहीं निकला
मंगलवार को दिल्ली में जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और संजय झा ने अमित शाह के साथ करीब 3 घंटे तक चर्चा की। बैठक में मंत्री पद, विभाग और स्पीकर पद को लेकर विस्तृत बातचीत हुई, लेकिन कुछ अहम बिंदुओं पर मतभेद बने रहे। अब इन मसलों पर अंतिम निर्णय पटना में होगा।
अमित शाह के करीबी और बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान पहले ही पटना पहुंच चुके हैं और BJP कोटे से बनने वाले मंत्रियों की संभावित लिस्ट तैयार कर रहे हैं।
कहां अटका पेच?
1. स्पीकर और गृहमंत्री पद पर दोनों पार्टियों की नजर
लंबे समय बाद ऐसा हुआ है जब JDU (85 सीटें) और BJP (89 सीटें) लगभग बराबरी के आंकड़े पर हैं। यही वजह है कि दोनों ही पार्टियां स्पीकर और गृहमंत्री पद अपने पास रखना चाहती हैं। 2010 तक यह पद JDU के पास रहा, जबकि 2020 के बाद BJP ने इसे संभाला। दिल्ली बैठक में इस पर सहमति नहीं बन सकी।
2. विभागों का समीकरण—BJP चाहती है फेरबदल
सूत्र बताते हैं कि जदयू नेता विभागों की विस्तृत लिस्ट लेकर आए थे। फिलहाल भारी-भरकम और ज्यादा बजट वाले विभाग जैसे शिक्षा, ऊर्जा, ग्रामीण विकास और गृह विभाग JDU के पास हैं। BJP के पास बड़े विभागों में मुख्य रूप से स्वास्थ्य और पंचायती राज हैं।
BJP महत्वपूर्ण विभागों की अदला-बदली चाहती है, लेकिन नीतीश इस पर राजी नहीं दिख रहे।

3. सभी जातियों को प्रतिनिधित्व की कोशिश
बैठक से निकलकर जो संकेत मिले हैं, उसके अनुसार NDA सरकार में हर प्रमुख जातीय समूह को प्रतिनिधित्व देने पर सहमति बनती दिख रही है। हालांकि किस जाति से कितने मंत्री होंगे, इस पर आधिकारिक बयान नहीं आया है।
शपथ ग्रहण को लेकर दो विकल्प
1. पहला विकल्प: मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और तय संख्या में मंत्री पहले शपथ लें। बाकी मंत्रियों का विस्तार फ्लोर टेस्ट के बाद किया जाए।
2. दूसरा विकल्प: नीतीश कुमार की पुरानी शैली—CM और पूरे मंत्रीमंडल की एक साथ शपथ।
अंतिम फैसला बुधवार को नीतीश–अमित शाह बैठक में होगा।
JDU में बड़े बदलाव की संभावना कम
पिछली सरकार में JDU कोटे से 13 मंत्री थे। माना जा रहा है कि इनमें से करीब 10 को फिर से मौका मिल सकता है। पार्टी बड़े फेरबदल मूड में नहीं है। HAM के संतोष मांझी, उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता और LJP(R) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी के मंत्री बनने की चर्चा तेज है। इसके अलावा संजय पासवान और संजय सिंह के नाम भी सूची में बताए जा रहे हैं।
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