द फॉलोअप डेस्क
मोकामा से नवनिर्वाचित विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह आज मंगलवार को बिहार विधानसभा में सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। पटना सिविल कोर्ट से विशेष अनुमति मिलने के बाद उनका शपथ ग्रहण संभव हो पाया है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि उन्हें केवल शपथ के लिए जेल से बाहर लाया जाएगा और प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत न्यायिक हिरासत में वापस बेऊर जेल भेज दिया जाएगा। दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत न मिलने के कारण वे पिछले करीब तीन महीनों से जेल में बंद हैं।
अनंत सिंह की विधानसभा में मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। उन्हें भारी पुलिस बल, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और विशेष सुरक्षा दस्ते के साथ जेल से विधानसभा लाया जाएगा। कोर्ट के आदेशानुसार, शपथ ग्रहण के दौरान वे न तो अपने समर्थकों से मिल पाएंगे और न ही किसी अन्य विधायक से बातचीत कर सकेंगे। विधानसभा परिसर में भी हाई अलर्ट घोषित किया गया है और समर्थकों की भीड़ को रोकने के लिए प्रवेश द्वारों पर सख्त पहरा बिठाया गया है।
संवैधानिक प्रावधानों के तहत आर्टिकल-188 के अनुसार विधायक के रूप में वेतन और भत्ते प्राप्त करने के लिए शपथ लेना अनिवार्य है। बिहार विधानसभा के 243 सदस्यों में से अब तक 242 विधायक शपथ ले चुके हैं, जिनमें अनंत सिंह अकेले बाकी थे। गौरतलब है कि उन्होंने मोकामा सीट से राजद की वीणा देवी को 28,206 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी। यह दूसरा मौका है जब वे जेल से आकर विधायक पद की शपथ लेंगे; इससे पहले 2020 में भी उन्होंने इसी तरह शपथ ली थी।.jpeg)
अनंत सिंह की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही हैं क्योंकि दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में उनकी जमानत याचिका हाईकोर्ट में अटकी हुई है। जिस पीठ में उनकी याचिका पर सुनवाई होनी थी, वहां के न्यायाधीश ने सुनवाई से इनकार कर दिया है, जिसके बाद अब दूसरे कोर्ट में लिस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। 30 अक्टूबर 2025 को हुई इस हत्या के मामले में फंसे अनंत सिंह के लिए आज का दिन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन कानूनी मोर्चे पर उन्हें अभी राहत का इंतजार है।