द फॉलोअप डेस्क
झारखंड केन्द्रीय विश्वविद्यालय और आईआईटी खड़गपुर ने मिलकर एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम उद्यमशीलता (Entrepreneurship), अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें उन छात्रों से संवाद किया गया जिन्होंने सफल स्टार्टअप शुरू किए हैं। इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन सीयूजे के करियर डेवलेपमेंट सेल ऑफ इंस्टीट्यूट इनोवेशन सेल द्वारा आयोजित किया गया।.jpg)
कार्यक्रम की अध्यक्षता, सीयूजे के नैक प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रो के बी पंडा ने किया। उन्होंने कहा कि भारत में उद्यमशीलता, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने में सरकारों के साथ ही विश्वविद्यालयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। विश्वविद्यालय बौद्धिक केंद्र होने के नाते नए-नए विचारों को समाज, व्यवसाय, देश और मानवता के हित में कार्यान्वयन करता है। आज विद्यार्थी पढ़ने के साथ ही नौकरी के जगह अपना स्टार्ट - अप शुरू करते हैं और वो सफल भी हो रहे। सीयूजे भी अपने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में दिशा दिखाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित कर रहा और स्टार्ट - अप शुरू करने के लिए प्रशिक्षण देगा।

कार्यक्रम के समन्वयक, करियर डेवलपमेंट सेल और इंस्टिट्यूट इनोवेशन सेल के अध्यक्ष, प्रो. डी बी लाटा ने सभी का स्वागत किया और कहा कि इस कार्यक्रम के केंद्र में उद्यमशीलता है जिससे छात्रों के बीच उद्यमिता संस्कृति, सोचने की क्षमता और स्टार्ट- अप से जुड़े बाज़ार मूल्य विकसित करने का प्रयास किया गया. विश्वविद्यालय भारत के प्रतिष्ठित आईआईटी खड़गपुर के उद्यमी प्रकोष्ठ के साथ यह कार्यक्रम को और आगे ले जाने के लिए कृत संकल्पित है ताकि विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके और झारखंड से नए उद्यमी निकल कर आ सकें। उन्होंने वर्तमान स्थिति में ऐसे कार्यक्रमों को देश की मांग बताया साथ ही सभी को सूचित किया कि झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय जल्द ही इनक्यूबेशन सेंटर की और सेक्शन आठ कंपनी की स्थापना करने जा रहा है जिसकी सारी तैयारी कर ली गई है। इसके तहत विद्यार्थी अपने आइडिया को व्यवसाय में परिवर्तित कर सकेंगे।
इस कार्यक्रम के तहत दो स्टार्ट- अप के संस्थापकों के साथ विद्यार्थियों का संवाद कराया गया। सेरी एआई (Serri AI) के सह संस्थापक शुभम राज और लोजिशिन्स (Logiciens) के सीईओ और संस्थापक अजय सत्पथी ने छात्रों से अपने अनुभव साझा किये और स्टार्ट- अप में आने वाले चुनौतियों का सामना करने के लिए मूल मंत्र दिए। उन्होंने अपने स्टार्ट अप यात्रा से सभी को अवगत कराया और सीयूजे के विद्यार्थियों को किसी भी तरह के सहयोग के लिए अपना भरोसा दिया।.jpeg)
इस कार्यक्रम में आईआईटी, खड़गपुर के उद्यमी प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि हितंकर जैन ने कहा की हमारा लक्ष्य भारत में एक ऐसा वातावरण बनाना जहां उद्यमी स्वयं प्रेरित होकर देश में नई ऊर्जा के साथ अपना उद्यम खड़ा करके दूसरों को नौकरी दें और देश को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने इस उद्देश्य में सीयूजे के सहयोग को सराहा और आशा की जल्द ही झारखंड से नए उद्यमी निकल कर आएंगे।