द फॉलोअप डेस्क
झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 'स्वभिमानी बिरसा' महोत्सव के अंतर्गत पूर्व-आयोजनों के प्रथम दिवस का 10 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक आयोजन हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य महान जनजातीय नेता बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्षों और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान के महत्व को उजागर करना है।
प्रथम दिवस पर निबंध लेखन प्रतियोगिता' आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने "बिरसा मुंडा: उनके योगदान और विचार – एक समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला" विषय पर अपने विचार व्यक्त किए; इसके बाद शाम में 'क्विज प्रतियोगिता' का प्रारंभिक चरण का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बिरसा मुंडा के जीवन से संबंधित अपने ज्ञान का प्रदर्शन किया। सभी विजेताओं को 15 नवंबर को सम्मानित किया जाएगा। .jpeg)
कुलपति, प्रो. क्षिति भूषण दास के नेतृत्व में झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय आज से धरती आबा के जीवन से प्रेरणा लेकर कई कार्यक्रम करेगा, जिसमें 14 और 15 नवंबर को एक महोत्सव के रूप बड़े कार्यकम की तरह मनाया जाएगा। कुलपति ने बताया कि यह सभी कार्यक्रम जनजातीय गौरव दिवस समारोह का हिस्सा है और विद्यार्थियों को देश के इतिहास और जनजातीय संस्कृति के नायकों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।.jpg)
उन्होंने आगे कहा भगवान बिरसा मुंडा के "अबुआ राज" संबंधी विचारों पर चर्चा आज के समय में अत्यधिक प्रासंगिक है। इस कार्यक्रम के द्वारा विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ अपने सामाजिक सरोकार से जुड़कर विद्यार्थियों में ऐतिहासिक चेतना को बढ़ावा देने का काम करेगा।
वहीं नोडल ऑफिसर, डॉ अनुराग लिंडा एवं संयोजक, डॉ हृषिकेश महतो ने कहा कि यह समारोह 15 नवंबर, 2025 तक जारी रहेगा, जिसमें पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग और नाट्य मंचन, अकादमिक, लिटरेरी एवं फिल्म फेस्टिवल, कल्चरल फेस्टिवल जैसे अन्य कार्यक्रम भी शामिल किये जायेंगे।