दुमका:
झारखंड से डायन बिसाही (Witch hunt) का मामला लगातार सामने आ रहा है। राज्य के दुमका जिले में शनिवार को एक परिवार के सभी सदस्यों को डायन बताकर मैला पिलाया (scavenged as a witch) गया। साथ ही उन्हें गर्म लोहे से दागा (hot iron fired) और डायन के शक में महिलाओं से मारपीट भी (also beat up women) की गई। धटना की जानकारी मिलते ही पुलिस (Jharkhand Police) पूरे दलबल के साथ गांव में जाकर चारों पीड़ितों को छुड़ाकर इलाज के लिए सरैयाहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Center in Saraiyahat) में भर्ती कराया। वहीं पुलिस पूरे मामले में 6 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज (FIR registered against 6 people) कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

गर्म लोहे से उनके पूरे शरीर पर दागा
मामला दुमका के सराय सरैयाहाट थाना क्षेत्र के अश्वरी गांव का है जहां एक ही परिवार की तीन महिलाओं और एक पुरुष को भयावह रूप से प्रताड़ित करने का शर्मनाक मामला सामने आया है। यह पूरी घटना शनिवार रात से रविवार तक चला। 4 लोगों पर डायन बिसाही का आरोप लगाकर उनके साथ मारपीट किया गया साथ ही उन्हें मैला पिलाया गया और गर्म लोहे से उनके पूरे शरीर पर दागा गया। इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है।
पीड़ित परिवार बेहद सहमा हुआ
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें जबरन मल-मूत्र पिलाया गया और गर्म लोहे की छड़ों से शरीर को दागा भी गया। सरैयाहाट के थाना प्रभारी विनय कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अमानवीय प्रताड़ना का यह दौर शनिवार की रात 8 बजे से रविवार तक चला। थाना प्रभारी ने बताया कि अस्वारी गांव के ही लोगों ने 'जादू-टोना' करने के शक में तीन ग्रामीण महिलाओं- रसी मुर्मू (55), सोनमुनी टुड्डू (60) और कोलो टुड्डू (45) तथा श्रीलाल मुर्मू नामक 40 वर्षीय पुरुष की जमकर पिटाई की तथा उसके बाद उन्हें जबरन मल-मूत्र पिलाया। उन्होंने बताया कि घटना के बाद पीड़ित परिवार इस कदर सहमा हुआ था कि किसी ने पुलिस से मदद मांगने की हिम्मत तक नहीं की।

दो महिलाओं की स्थिति गंभीर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक उन चारों पीड़ितों को छुड़ाकर इलाज के लिए सरैयाहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सक ने सोनामुनी टुड्डू और श्रीलाल मुर्मू की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हं देवघर के एक अस्पताल भेज दिया।