द फॉलोअप डेस्क
झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में “रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार 2025” विषय पर एक ज्ञानवर्धक चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में हुए नवीनतम शोध कार्यों और उनके वैश्विक प्रभाव से अवगत कराना था।
इस अवसर पर विभाग के परास्नातक के तीन विद्यार्थियों — श्रद्धा सुमन, आलोक राज तथा सुप्रिया कुमारी — ने इस वर्ष के रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार विजेताओं, सुसुमू कितागावा, रिचर्ड रॉबसन एवं ओमर एम याघी के कार्यों पर विस्तृत और प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। इस वर्ष उन्हें मेटल-ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स में उल्लेखनीय कार्य के लिए नोबेल दिया गया है। विद्यार्थियों ने अपने प्रस्तुतीकरण में उनके वैज्ञानिक खोजों, व्यावहारिक उपयोगों तथा मानव समाज पर उनके योगदानों को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया।.jpg)
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विभागाध्यक्ष और डीन शोध एवं विकास, प्रो अरुण कुमार पाढ़ी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों को न केवल वैज्ञानिक सोच विकसित करने में सहायता करते हैं, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय शोध प्रवृत्तियों से भी जोड़ते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को इस प्रकार के सक्रिय सहभागिता हेतु प्रोत्साहित किया।.jpeg)
प्रो. पाढ़ी ने कहा कि इस वर्ष का नोबेल काफी महत्वपूर्ण है जिसकी उपयोगिता हर क्षेत्र में है चाहे वो गैस भंडारण हो या फिर एक उत्प्रेरक के तौर पर इस्तेमाल होना। साथ ही बायोमेडिसिन, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक संरचना बनाना और ऊर्जा उत्सर्जन में भी इसकी उपयोगिताएं हैं। ऊर्जा उत्सर्जन के क्षेत्र में ययह खोज नैनोजनरेटरों के द्वारा मैकेनिकल ऊर्जा को बिजली में परिवर्तित कर सकता है।
इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षकगण, प्रो. रतन कुमार डे, डॉ. बैरागी चरण मल्लिक, डॉ. सोमेन डे, डॉ. अरविंद लाल, डॉ. रमेश ओरांव, डॉ. राज बहादुर, डॉ सिमोन वाटरे संगमा, आदि उपस्थित रहे और विद्यार्थियों के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण, शोध-प्रवृत्ति तथा नवाचार की भावना पर प्रेरक चर्चा की।
यह सत्र अत्यंत सार्थक, प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। विद्यार्थियों ने नोबेल पुरस्कार विजेताओं के कार्यों के माध्यम से रसायन विज्ञान के अनुप्रयोगों की नई दिशा को समझा और भविष्य में शोध के प्रति अपने दृष्टिकोण को और सशक्त बनाने की प्रेरणा प्राप्त की।